हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले समेत कई हिस्सों में शनिवार देर रात भूकंप का एक तगड़ा झटका महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने इसकी तीव्रता 4.5 थी।
इसका केंद्र कांगड़ा बताया जा रहा है। कांगड़ा जिले खासकर कांगड़ा, धर्मशाला, योल और मैकलोडगंज जैसे अति संवेदनशील जोन फाइव में शामिल हैं। शनिवार रात ठीक 11:20 पर आए भूकंप के तीव्र झटके से मकान हिल उठे और लोग दहशत के मारे घरों से बाहर निकल आए।
झटके इतने तेज थे कि घरों में चल रहे सिलिंग फैन और अन्य सामान काफी देर तक हिलते रहे। वहीं, लोगों की रसोई में रखी क्रॉकरी व अन्य सामान झनझना उठे।
हालांकि देर रात खबर लिखे जाने तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
रात को लोगों में इस झटके की दहशत साफ देखी गई। इससे पूर्व कांगड़ा में 1905 में 8.7 की तीव्रता से आए भूकंप के झटके में बीस हजार लोगों की जान चली गई थी। जो अब तक के इतिहास में एक बड़ा विनाशकारी भूकंप था।
जानकारों का मानना है कि अगर इसी झटके की तीव्रता रिक्टर पर पांच डिग्री से ज्यादा होती तो कांगड़ा में काफी नुकसान हो सकता था। देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि भूकंप की तीव्रता 4.5 थी जिसका केंद्र कांगड़ा ही रहा।
उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों में 5 डिग्री से ऊपर के भूकंप विनाशकारी हैं। खासकर हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में हो रहा निर्माण भूकंप के बड़े झटकों को सहने की स्थिति में नहीं है।
इधर, देर रात घरों से बाहर निकले धर्मशाला निवासी मोहित, ट्विंकल, राघवी और कनव ने बताया कि वे काफी देर तक बाहर रहे।
उधर जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर में तड़के और दोपहर में झटके आए। इसमें किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।