निर्वासित तिब्बती संसद/निर्वासित तिब्बती संसद की उपाध्यक्ष डोल्मा त्सेरिंग
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निर्वासित तिब्बती सांसद धर्मशाला में चल रहे निर्वासित संसद सत्र के दौरान तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज का मानकीकरण करेंगे। निर्वासित तिब्बती संसद द्वारा गठित एक समिति, तिब्बती संसद के अगले सत्र के दौरान तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज के लिए नए मानक तय करेगी। निर्वासित सरकारों में से किसी ने भी तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज का मानकीकरण नहीं किया है।
वहीं, निर्वासित तिब्बती संसद की उपाध्यक्ष डोल्मा त्सेरिंग ने कहा कि नियमों और विनियमों पर विचार करने और निर्वासन में लोकतंत्र के विकास को अद्यतन करने के लिए हमारे पास कुछ संसदीय चयन समितियां नियुक्त की जा रही हैं और राष्ट्रीय ध्वज पर एक समिति, राष्ट्रीय ध्वज को और अधिक परिभाषित तरीके से कैसे बनाया जाए। उन्होंने अपना काम पूरा नहीं किया है, इसलिए उनका काम अगले सत्र तक स्थगित रहेगा। तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई, चौड़ाई और रंग, क्योंकि इसे कभी भी कशाग (तिब्बती सचिवालय) द्वारा मानकीकृत नहीं किया गया था।
डोल्मा त्सेरिंग ने कहा कि हालांकि इस सत्र से पहले भी, बहुत सारे प्रश्न थे और इसे और अधिक मानक बनाने के बारे में बहुत सारे प्रश्न थे, क्योंकि ताइवान में बनाए जा रहे झंडों का एक अलग रंग होता है। भारत में जो झंडे बनते हैं, उनका एक अलग रंग होता है, उनका आकार अलग होता है, इसलिए इसे एक समान कैसे बनाया जाए।