उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री संबोधित करते हुए। (फाइल फोटो)।
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक परंपराओं को रौंदने का आरोप लगाया है। मुकेश ने कहा है कि वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित इंडिया गठबंधन के नेता जब शांतिपूर्ण मार्च निकालकर लोकतंत्र की रक्षा की अपील कर रहे थे, तभी केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन्हें और अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया। लोकतंत्र के लिए यह काला दिन है।
अग्निहोत्री ने कहा कि आज राहुल गांधी ने देश के सामने बड़ा खुलासा किया है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में लाखों फर्जी वोटर जोड़े गए हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग जगहों पर वोट दर्ज हैं। यह न केवल चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता है, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को हिलाने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को इस तरह दबाने की कोशिश न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार सच से डर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे और देश की जनता को सच्चाई से अवगत करवाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटर लिस्ट, सत्ता का दुरुपयोग और विपक्ष की आवाज दबाना, यह सब इस बात के सबूत हैं कि केंद्र सरकार पारदर्शिता से भाग रही है।
केंद्र की भाजपा सरकार ने देश में लगाया अघोषित आपातकाल : राठौर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्रा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने संसद के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य सहयोगी दलों के सांसदों की गिरफ्तारी को अलोकतांत्रिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार विपक्ष के अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रही हैं।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में राठौर ने कहा कि ऐसा लगता है कि देश में अघोषित आपातकाल लगा दिया गया है, जहां किसी को भी सरकार के खिलाफ बोलने का कोई अधिकार नहीं है। अगर कोई बोलता है तो उसके पीछे ईडी, सीबीआई या इनकम टैक्स को लगा दिया जाता है। संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों का हनन कर उन्हें कमजोर किया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आज सांसदों का एक दल जब निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर जा रहा था, तो उन्हें गिरफ्तार कर दिया गया। इस दौरान भाजपा के नेता मीडिया के समक्ष आयोग पर सफाई देने लगे, जबकि निर्वाचन आयोग खामोश बैठा है। इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकार राहुल गांधी के आरोपों से पूरी तरह डरी और घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत तथ्यों की जांच होती है तो केंद्र सरकार की स्थिरता पर एक बड़ा संकट आने वाला है।
राठौर ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में ही नही पूरे देश में चुनावों में धांधली हुई है। वोट चोरी हुए हैं और केंद्र की भाजपा नेतृत्व सरकार चोरी के वोटों से बनी है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष भाजपा के इस वोट चोरी के खिलाफ एकजुट है। चुनाव आयोग को वोट चोरी के तथ्यों पर सही जानकारी देश को देनी ही होगी।
वोट चोरी पकड़े जाने के बाद छटपटाहट में भाजपा : प्रतिभा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने संसद के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी बाड्रा, पार्टी के अन्य सांसदों व सहयोगी दलों के सांसदों की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि यह कदम राहुल गांधी के वोट चोरी के तथ्यों को उजागर करने के बाद भाजपा की छटपटाहट को दर्शाता है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार की तानाशाही और दमनकारी नीतियों से कांग्रेस न तो डरने वाली है और न ही अपने दायित्व से पीछे हटने वाली है। राहुल गांधी ने जो तथ्य रखे हैं चुनाव आयोग को उनकी जांच करनी चाहिए। देश जानना चाहता है कि आखिर चुनाव आयोग ने इतने बड़े स्तर पर जनमत का अपमान क्यों किया। चुनाव आयोग ने वोट चोरी और फर्जी मतदान आखिर क्यों होने दिया।