शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल
जांच में फर्जी फर्मों, बिना वास्तविक माल आपूर्ति के इनवॉइस, संदिग्ध अकाउंटिंग एंट्री और शेल इकाइयों के जरिये आईटीसी व रिफंड व्यवस्था के कथित दुरुपयोग के साक्ष्य मिले हैं। अधिकारियों ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट और बैंकिंग लेन-देन की भी जांच की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था और इसके संचालन में गौरव जैन की सक्रिय भूमिका सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार किया गया।