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अपराध: हिमाचल में 6.55 करोड़ के फर्जी आईटीसी नेटवर्क का पर्दाफाश, फार्मा कंपनी का एमडी गिरफ्तार

Sat, 12 Sep 2026 04:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में फर्जी इनवॉइस के सहारे करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और जीएसटी रिफंड के कथित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। 
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अपराध(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में फर्जी इनवॉइस के सहारे करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और जीएसटी रिफंड के कथित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्त कार्यालय शिमला के प्रिवेंटिव विंग ने कार्रवाई करते हुए 6.55 करोड़ रुपये के अपात्र आईटीसी नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में त्रिलोकपुर स्थित मैसर्स समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गौरव जैन को गिरफ्तार किया गया है।

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जांच में सामने आया है कि दिल्ली की समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स ड्यूल हेल्थकेयर ने कथित तौर पर कई फर्जी और गैर-मौजूद आपूर्तिकर्ता फर्मों के इनवॉइस के आधार पर आईटीसी का लाभ लिया। जांच में करीब 5.55 करोड़ रुपये का आईटीसी 10 गैर-मौजूद फर्मों से जुड़े इनवॉइस के जरिये लिए जाने की बात सामने आई है। जांच अधिकारियों को ऐसे बिल भी मिले, जिनमें दर्शाए गए माल की वास्तविक आवाजाही की पुष्टि ई-वे बिल और टोल प्लाजा डेटा से नहीं हो सकी। आरोप है कि फर्जी तरीके से हासिल किए गए आईटीसी को जीएसटी रिफंड दावों में शामिल कर सरकारी खजाने से नकद रिफंड लेने का प्रयास किया गया।

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शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल
जांच में फर्जी फर्मों, बिना वास्तविक माल आपूर्ति के इनवॉइस, संदिग्ध अकाउंटिंग एंट्री और शेल इकाइयों के जरिये आईटीसी व रिफंड व्यवस्था के कथित दुरुपयोग के साक्ष्य मिले हैं। अधिकारियों ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट और बैंकिंग लेन-देन की भी जांच की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था और इसके संचालन में गौरव जैन की सक्रिय भूमिका सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार किया गया।
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