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Corona Virus JN-1 Variant: कोरोना और इन्फ्लूएंजा को लेकर हिमाचल प्रदेश में अलर्ट, एनएचएम ने जारी की एडवाइजरी

Sun, 25 May 2025 06:12 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Alert Regarding Corona In Himachal: हिमाचल में भी कोरोना को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर, बीआईपीएपी मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीएसए संयंत्र, एंटीबायोटिक्स, आवश्यक दवाएं सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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कोरोना (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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देशभर में कोरोना के मामले आने के बाद प्रदेश सरकार ने हिमाचल में भी अलर्ट जारी किया है। मेडिकल कालेजों सहित जिला अस्पतालों को निकट भविष्य में कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा के मामले को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर, बीआईपीएपी मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीएसए संयंत्र, एंटीबायोटिक्स, आवश्यक दवाएं सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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हिमाचल नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक ओपीडी और आईपीडी में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) मामलों की रिपोर्टिंग आईएचआईपी - आईडीएसपी पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित करने को कहा गया है। इन्फ्लूएंजा और कोरोना के पुष्ट मामलों के लिए भी एल फॉर्म उपयोग कर रिपोर्ट करना होगा।



स्वास्थ्य संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोरोना के सैंपल (यदि रिपोर्ट किए गए हैं) को संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला आईएनएसएसीओजी यानी माइक्रो बायोलॉजी विभाग एसएलबीएसडीएमसी नेरचौक भेजने होंगे। वेरिएंट का पता लगाने के लिए मंडी या एनआईवी पुणे प्रयोगशाला स्थापित की गई। यदि किसी भी मामले की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उससे संबंधित जानकारी भारतीय जिला और राज्य निगरानी इकाइयों के साथ साझा की जानी चाहिए।

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बचाव के उपाय करते रहना जरूरी
बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना ही एकमात्र सावधानी है। हाथ की स्वच्छता बनाए रखना, मास्क पहनना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना चाहिए।  JN.1 में कुछ अतिरिक्त परिवर्तन (म्यूटेशन) देखे गए हैं जो इसे शरीर में वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर संक्रमण फैलाने के लिए योग्य बनाते हैं, हालांकि इसकी गंभीरता कम है। ओमिक्रॉन और इसके अन्य वैरिएंट्स से संक्रमित लोगों को मुख्यरूप से सूखी खांसी, नाक बहना या बंद होने, सिरदर्द, गले में खराश, बुखार और थकावट होने,स्वाद या गंध का न महसूस होने के साथ पाचन की दिक्कत हो सकती है। विस्तार से जानने के लिए नीचे दी गई खबर के लिंक पर क्लिक करें।

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