दोनों समितियां कृषि और बागवानी एवं वानिकी विवि अधिनियम, 1986 व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2018 के नियमों के अनुरूप चयन प्रक्रिया पूरी करेंगी। कृषि विवि के कुलपति चयन के लिए गठित समिति में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज को अध्यक्ष बनाया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट सदस्य होंगे जबकि पंजाब विवि चंडीगढ़ की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल को यूजीसी अध्यक्ष के नामित सदस्य के रूप में शामिल किया है।
डॉ यशवंत सिंह परमार नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति चयन के लिए गठित समिति में भी संदीप भारद्वाज अध्यक्ष और डॉ. एमएल जाट सदस्य होंगे। केंद्रीय विवि ओडिशा के कुलपति डॉ. अजीत कुमार शासनी को यूजीसी अध्यक्ष के नामित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। दोनों समितियों का मुख्यालय राज्यपाल सचिवालय लोकभवन शिमला में रहेगा। दोनों समितियां चयन प्रक्रिया की कार्यप्रणाली तय करेंगी। जरूरत और सदस्यों की सुविधा के अनुसार बैठकें प्रत्यक्ष, ऑनलाइन या हाइब्रिड माध्यम से हो सकेंगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक समिति संबंधित विवि के कुलपति पद के लिए तीन से पांच नामों का पैनल राज्यपाल एवं कुलाधिपति को सौंपेगी।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला
दोनों विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच गया है। प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के 27 अगस्त के फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालयों के संबंधित अधिनियमों में संशोधन को निरस्त करते हुए यूजीसी के 2018 के नियमों के अनुसार नियुक्तियां करने के निर्देश दिए थे। इन संशोधनों के जरिये प्रदेश सरकार ने कुलपति नियुक्ति प्रक्रिया में अपनी भूमिका बढ़ाने का प्रावधान किया था।