संवाद के दौरान सातवीं कक्षा की छात्रा राधा के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि जब वह दसवीं कक्षा में थे, उस समय उनके स्कूल में हड़ताल हुई थी। इसके बाद वे 17 वर्ष की आयु में कॉलेज में कक्षा प्रतिनिधि बने। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई के दौरान वह विभागीय प्रतिनिधि बने। इसके बाद वह नगर निगम शिमला में पार्षद रहे और एनएसयूआई सहित हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी कार्य किया। उस समय को याद कर उन्होंने कहा कि उनके भाई और बहन नौकरी पेशा थे इसलिए उनके माता-पिता अक्सर उन्हें राजनीति छोड़कर नौकरी करने की सलाह देते थे। उन्होंने बताया कि शुरूआत में उनकी इच्छा शिमला से चुनाव लड़ने की थी लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्हें नादौन विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिला। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहजता से उत्तर दिया। इस दौरान स्कूल के कई बच्चों ने मुख्यमंत्री से पूरे उत्साह और जिज्ञासा के साथ सवाल पूछे और अपनी समस्याएं भी उनके सामने रखीं। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली भी मौजूद रहे।
पेट्रोल की कीमतों पर पूछे सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की आर्थिक नीतियां कहीं भी सफल नहीं रही हैं। भाजपा को पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने की बजाए टैक्स कम कर देने चाहिए और कीमतों में स्थिरता रखनी चाहिए ताकि महंगाई ना बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली बच्चों के साथ संवाद हर स्कूल में आयोजित होगा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर को साथ लेकर पूरे प्रदेश में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कुछ स्कूलों में विधायक, निदेशक भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है। भविष्य की चुनौतियों के लिए बच्चाें को तैयार किया जाएगा।
1. सवाल: बारहवीं के दिव्यांश ने पूछा कि जब विद्यार्थी 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर रहे हैं तो अंक महत्वपूर्ण हैं या कौशल।
सीएम का जवाब : अंक महत्व पूर्ण हैं लेकिन विद्यार्थियों को इसके साथ-साथ कुशल और सक्षम भी बनना चाहिए।
2. सवाल : बारहवीं प्रीति ने कहा कि स्कूल में भौतिकी विज्ञान और राजनीतिक विज्ञान के शिक्षकों की कमी है। इसे कैसे पूरा किया जाएगा।
जवाब : यह स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है। 30 जून से पहले सभी रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। अब सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत अधिक विषयों का विकल्प मिलेगा।
3. सवाल : बारहवीं कक्षा की इशिका ने कहा कि स्कूल में शौचालयों की कमी है और पानी की भी अकसर किल्लत होती है, इसका समाधान कैसे होगा।
जवाब : इस पर मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि स्कूल में शौचालयों की कमी पूरी की जाएगी। इसके लिए मौके पर महापौर सुरेंद्र चौहान को निर्देश दिए गए। वहीं पानी की समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया।
4. सवाल : ग्यारहवीं कक्षा के हर्षित शर्मा ने पूछा कि नशे से कैसे बचा जा सकता है, इसके लिए सरकार क्या कर रही है।
जवाब : नशे के सरगना पहले युवाओं को नशे का आदी बनाते हैं और बाद में उन्हें तस्करी के काम में शामिल कर लेते हैं। नशा-निवारण अभियान में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दें और इस बुराई के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
5. सवाल : ग्यारहवीं कक्षा की रेशमा ने कहा कि स्कूल में कंप्यूटर की शिक्षा के लिए उन्हें 110 रुपये फीस देनी पड़ रही है जो बहुत ज्यादा है। इस कारण बच्चे कंप्यूटर का विषय नहीं चुन रहे।
जवाब : इस बारे में पता किया जाएगा कि ऐसा क्यों है। इसका समाधान किया जाएगा।
6. सवाल : नौवीं कक्षा की अनुराधा ने कहा कि उनके स्कूल से दस कदम की दूरी पर हर तरह का नशा बिकता है और शराब का ठेका भी है। ऐसे में नशा निवारण कैसे होगा।
जवाब : अगर स्कूल के 500 मीटर के दायरे में नशा बिक रहा है और शराब का ठेका है तो उन्हें तुरंत बंद किया जाएगा।