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सीएम सुक्खू का बयान: नए जिलों के गठन का प्रस्ताव चुनावी मुद्दा नहीं, व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा

Fri, 16 Oct 2026 08:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू  ने साफ किया कि नए जिलों के गठन का प्रस्ताव कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा है। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना मुख्य मकसद है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नए जिले बनाने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद आयोग का गठन किया गया है। इसमें हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, लैंड रिकाॅर्ड के निदेशक समेत अन्य को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। अब आयोग की सिफारिश के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। कहां जिला बनना है, कहां ब्लॉक व तहसील में सिस्टम को सही करने की जरूरत है, यह सब आयोग देखेगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नए जिलों के गठन का प्रस्ताव कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा है। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना मुख्य मकसद है।

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 जयराम ठाकुर सपने देख रहे: सुक्खू
राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने धर्मशाला पहुंचे मुख्यमंत्री ने हेलिपैड पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जयराम ठाकुर सपने देख रहे हैं। चुनाव तो हर पांच साल बाद होते हैं, ऐसे में जिलों का गठन कोई मुद्दा नहीं है बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा कह गए कि केंद्र ने पैसा दिया लेकिन खर्च नहीं हुआ। मगर केंद्र ने प्रदेश के साथ किस प्रकार से भेदभाव किया यह जगजाहिर है।  प्रदेश में खोले गए मेडिकल कॉलेजों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है।

आने वाले समय में होगा नॉर्थ जोन का बड़ा अधिवेशन
उन्होंने कहा कि 40 साल से पीजी की 227 सीटें ही थी जबकि सरकार ने साढ़े तीन साल में यह आंकड़ा 320 तक पहुंचाया। अब सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ी हैं। टांडा को 57 सीटें पीजी की मिली हैं और सुविधाओं में भी 60 प्रतिशत तक सुधार किया गया जबकि आगे इसे शत प्रतिशत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन नगरी धर्मशाला को हिमाचल का बड़ा पर्यटन हब बनाया जाएगा। इस पर सरकार का पूरा फोकस है। दो दिवसीय नेशनल काॅन्फ्रेंस को भी इसी से जोड़कर देखा जा सकता है। आने वाले समय में नॉर्थ जोन का एक बड़ा सम्मेलन यहां आयोजित होगा। मनाली व शिमला की तरह धर्मशाला के पर्यटन विकास के लिए सरकार आगे बढ़ रही है। बड़े आयोजनों से यहां होटल कारोबार को गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को भी ऐसे आयोजनों का लाभ मिलेगा।
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बिजली-पानी का खर्च केंद्र उठाए, सीयू के लिए 20 करोड़ देने को तैयार
धर्मशाला के जदरांगल में चल रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए सरकार 20 करोड़ देने के लिए तैयार है, बशर्ते बिजली और पानी का खर्च केंद्र सरकार उठाए। सीयू कोई मुद्दा नहीं लेकिन जैसे ही केंद्र की ओर से चिट्ठी मिलेगी तत्काल 20 करोड़ दे दिए जाएंगे। हालांकि देहरा में पानी व बिजली का खर्च सरकार ने वहन किया है और जैसे ही देहरा का कैंपस शुरू करने के लिए अनुमोदन आएगा तो यह शुरू किया जाएगा।
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