'पंचायतें, शहरी निकाय जमीनी स्तर पर निभाएंगे सक्रिय भूमिका'
सुक्खू ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं, शहरी स्थानीय निकाय, युवक मंडल, महिला मंडल और गैर सरकारी संगठनों सहित स्थानीय निकाय इस अभियान के दौरान लोगों में नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने में जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों, राज्य की राजधानी, शैक्षणिक संस्थानों और नगर निगमों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
'अस्पतालों में स्थापित होंगे परामर्श केंद्र'
इस अभियान में जमीनी जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ व्यापक प्रचार के लिए सोशल मीडिया को भी शामिल किया जाएगा। प्रदेश सरकार पुनर्वास प्रयासों का समर्थन करने के लिए सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नशे की समस्या का समाधान करने के लिए परामर्श केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इन स्वास्थ्य केंद्रों में 5-10 बिस्तरों की क्षमता के साथ-साथ नैदानिक परीक्षण और संबंधित बीमारियों के उपचार की सुविधाएं भी होंगी।
'प्रदेश में सलाहकार बोर्ड किया जा चुका स्थापित'
सुक्खू ने कहा कि नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों को रोकने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस अभियान को रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक सलाहकार बोर्ड पहले ही स्थापित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों से संबंधित मामलों को प्रभावी ढंग से निपटाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सहायता के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) प्रकाशित की है।