मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने हिम उन्नति हिम कृषि योजना के तहत कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों के लिए 2600 कलस्टर बनाए हैं। इसके तहत चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्दी व केसर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। फलों के समर्थन मूल्य में भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है।
मंगलवार को नई दिल्ली से लौटने के बाद सीएम ने कहा कि कृषि आज भी प्रदेश की जीवन रेखा है। राज्य की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और लगभग 53.95 प्रतिशत लोग प्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं इससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। राज्य सरकार ने 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। लगभग 38,437 हेक्टेयर क्षेत्र में 2,22,893 किसान और बागवान पूरी तरह या आंशिक रूप से प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं। राज्य सरकार ने 15 अप्रैल को चंबा के जनजातीय पांगी उपमंडल को आधिकारिक रूप से प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया है।