मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको पेखूबेला प्रोजेक्ट का फोबिया हो गया है। पता नहीं, कौन आपको सलाह दे रहा है। अगर आपके पास कागजात हैं तो सदन में रखें। मामले को पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत से भी जोड़ा जा रहा है। जहां तक विमल नेगी की मौत का मामला है तो उसकी जांच सीबीआई कर रही है। सच सामने आएगा। भारी बरसात के चलते पेखूबेला प्रोजेक्ट में पानी भर गया और उत्पादन बंद किया गया है। 15 सितंबर से इसे चालू कर दिया जाएगा। जहां तक कंपनी की बात है तो 44 करोड़ रुपये रोक दिए हैं। पावर कॉरपोरेशन प्रोजेक्ट का काम देखेगा। इससे पहले बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट जहां लगना चाहिए था वहां पर नहीं लगा है। दो अगस्त को बारिश का पानी प्रोजेक्ट में भर गया और अब बंद पड़ा है। जिस कंपनी को यह काम दिया गया था, उसे ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम भी देखना था, लेकिन कंपनी काम छोड़कर भाग गई है। हैरानी की बात यह है कि कंपनी को 99 फीसदी पेमेंट कर दी गई है। घटिया काम होने पर कंपनी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी को फायदा देने के लिए टेंडर में 18 बार नियमों में बदलाव किया गया।
रेगुलेटरी कमीशन के लिए जिनकी बात हो रही, वे ठीक नहीं
भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आपको बता रहा हूं कि रेगुलेटरी कमीशन में जिन तीन लोगों के नाम चल रहे हैं, वे तीनों ठीक नहीं हैं। उनके नाम मैं सदन को नहीं बताना चाहता। आपके कमरे में बता दूंगा।