इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य आधुनिक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो। सरकार की ओर से 500 प्राथमिक स्कूल, 100 उच्च विद्यालय, 200 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, 48 महाविद्यालयों और 2 संस्कृत महाविद्यालयों सहित कुल 850 शैक्षणिक संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान घोषित किया गया है। प्रदेश के बच्चों के उच्च शिक्षा के सपने को साकार करने के लिए डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की गई है। विद्यार्थी देश और विदेश में पढ़ाई के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस जैसे आधुनिक विषय शुरू कर बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार की ओर से शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 5 हजार 400 से अधिक पद और शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 7 हजार से अधिक पद भरे हैं। पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए अध्यापकों को शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्त नहीं करने का भी निर्णय लिया है। सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है।