मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं के निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर 419 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत नाबार्ड ने यह राशि बतौर ऋण मंजूर की है। उन्होंने कहा कि विभागों को स्वीकृत परियोजनाओं का प्रशासनिक अनुमोदन कर 30 दिन के भीतर नाबार्ड को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों की प्राथमिकता के अनुसार योजना विभाग ने नाबार्ड से बजट का प्रावधान करवाया है। सात जिलों में 20 ग्रामीण सड़कों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण, सुधारीकरण पर 171 करोड़ रुपये, 5 जिलों में 5 आरसीसी पुल बनाने पर 47 करोड़ रुपये, 3 जिलों में सात ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर 83 करोड़ रुपये किए जाएंगे। वहीं, किन्नौर जिले के सुनम गांव में सीवरेज सिस्टम विकसित करने पर 8.72 करोड़, कांगड़ा के रैत ब्लॉक में तत्वानी खड्ड कैचमेंट में बाढ़ प्रोटेक्शन कार्य पर 4.91 करोड़ और 5 जिलों की 9 माइनर सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और सुधारीकरण पर 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यहां की सड़कें होंगी दुरुस्त
शिमला जिले के ठियोग, मशोबरा, टिक्कर, बसंतपुर, किन्नौर जिले के कल्पा, कुल्लू के कुल्लू, बंजार, ऊना के ऊना, हरोली, मंडी जिले के मंडी व धर्मपुर, हमीरपुर के सुजानपुर व भोरंज विकास खंड में 20 ग्रामीण सड़कें ठीक की जाएंगी।
इन जिलों में बनेंगे आरसीसी पुल
शिमला के चौपाल, कुल्लू के मनाली, लाहौल व स्पीति के उदयपुर, ऊना के भरवाईं व सिरमौर के पच्छाद में आरसीसी पुल बनाए जाएंगे। वहीं, कांगड़ा के इंदौरा, देहरा, सोलन के बद्दी, ऊना के ऊना व बंगाणा में 7 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण किया जाएगा।