उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद कर हिमाचल प्रदेश के अधिकार छीन लिए हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन यह राशि आज तक नहीं मिल पाई है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश के हितों से जुड़े मामलों में उचित कदम उठाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जगत प्रकाश नड्डा केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं। बावजूद हिमाचल प्रदेश में पिछले 40 वर्षों से एमबीबीएस के बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की केवल 77 सीटें थीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इन सीटों की संख्या बढ़ाकर 320 कर दी गई है। इन सीटों को मेडिकल काउंसिल के नियमों के आधार पर भरा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।