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हिमाचल: ठोस कचरा प्रबंधन पर जमीन पर क्या काम हुआ? हाईकोर्ट ने मांगी अनुपालन रिपोर्ट

Mon, 26 Oct 2026 06:36 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की पीठ ने राज्य के विभिन्न जिलों से आई निरीक्षण रिपोर्टों और हलफनामों की समीक्षा की।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर एक अहम फैसला दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की पीठ ने राज्य के विभिन्न जिलों से आई निरीक्षण रिपोर्टों और हलफनामों की समीक्षा की। इसके बाद अदालत ने मामले के लिए गठित बहुसदस्यीय समिति को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई से पहले एक व्यापक अनुपालन तालिका अदालत में पेश करे। इस रिपोर्ट में स्पष्ट होना चाहिए कि कचरा प्रबंधन की अलग-अलग श्रेणियों में धरातल पर अब तक क्या काम हुआ है। किन क्षेत्रों में अभी और कार्रवाई या सुधार की जरूरत है। अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

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खंडपीठ ने सुलेमान बनाम भारत संघ और अन्य जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह दिशा-निर्देश जारी किए। सुनवाई के दौरान न्यायालय मित्र ने कोर्ट को बताया कि शहरी विकास विभाग ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक पत्र भेजा है। इसके तहत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के अंतर्गत बल्क वेस्ट जनरेटर (बड़े होटल, संस्थान, मॉल आदि, जो बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करते हैं) के पंजीकरण और उनकी लगातार निगरानी के लिए एक केंद्रीयकृत पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल के जरिये संबंधित स्थानीय निकायों (नगर निगम/नगर परिषद) और अधिकारियों को आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे, जिससे कचरा प्रबंधन पर नजर रखी जा सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी देने के लिए अदालत से समय मांगा है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
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