खंडपीठ ने सुलेमान बनाम भारत संघ और अन्य जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह दिशा-निर्देश जारी किए। सुनवाई के दौरान न्यायालय मित्र ने कोर्ट को बताया कि शहरी विकास विभाग ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक पत्र भेजा है। इसके तहत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के अंतर्गत बल्क वेस्ट जनरेटर (बड़े होटल, संस्थान, मॉल आदि, जो बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करते हैं) के पंजीकरण और उनकी लगातार निगरानी के लिए एक केंद्रीयकृत पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल के जरिये संबंधित स्थानीय निकायों (नगर निगम/नगर परिषद) और अधिकारियों को आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे, जिससे कचरा प्रबंधन पर नजर रखी जा सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी देने के लिए अदालत से समय मांगा है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।