मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2022 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट) का वेतन लगभग 27 हजार रुपये से बढ़ाकर 33,660 रुपये किया गया था। अब वर्तमान सरकार ने इसमें सीधे 78 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए इसे 60 हजार रुपये कर दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की ओर आकर्षित करना और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार इससे पहले भी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में वृद्धि कर चुकी है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का स्टाइपेंड 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष का 45 हजार से 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष का 50 हजार से बढ़ाकर 65 हजार रुपये किया गया है।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट के स्टाइपेंड में भी 50 से 170 फीसदी तक बढ़ोतरी की जा चुकी है। सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट का मासिक स्टाइपेंड 60-65 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये और सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) का स्टाइपेंड बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि सरकार डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक तकनीक और चिकित्सा सेवाओं का लगातार विस्तार कर रही है। इस निर्णय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सरकारी अस्पतालों में उपलब्धता बढ़ेगी।