देवी-देवताओं की वास स्थली कुल्लू में देवता भी सुरक्षित नहीं हैं। घाटी के कई एतिहासिक मंदिरों में लाखों की चोरी हो चुकी है। लेकिन, पुलिस के हाथ आज भी खाली हैं।
कुल्लू के देवी-देवता करोड़ों के आभूषणों से सुसज्जित हैं। हैरत है कि इन मंदिरों की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिले के कई गांवों में देव रथ और भव्य एतिहासिक मंदिर हैं।
इनमें लाखों की संपत्ति मौजूद है लेकिन इस बेशकीमती संपत्ति की सुरक्षा राम भरोसे है। इन मंदिरों में चोरों ने कई बार सेंध लगाकर बेशकीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर लिए।
लेकिन, चोरों का आज तक कोई सुराग नहीं लग पाया। तीन दिसंबर 2012 को जगतसुख के भनारा गांव में हुई देवता शिरघन नाग की चोरी के मामले में चोरों का आज तक पता नहीं चल पाया है।
चोर देवता के सभी सोने-चांदी के मोहरों सहित अन्य आभूषण भी उड़ा कर ले गए हैं। देवता के इन मोहरों तथा आभूषणों की कीमत करीब पचास लाख रुपये है।
इसके बाद कुल्लू के भेखली मंदिर में हुई चोरी मामले में स्थानीय लोगों की मदद से चोर को पकड़ा गया। मनाली में देवता सियाली महादेव के मंदिर में दान पात्र पर चोरों ने हाथ डालने की कोशिश की, लेकिन यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से चोरों को गांव वासियों ने पकड़ लिया। इसके अलावा कार्तिक स्वामी सिमसा के रथ से भी आभूषणों को चोरी करने की कोशिश की गई।
लेकिन, स्थानीय लोगों ने चोर को रंगे हाथ पकड़ लिया। हाल ही में वशिष्ठ में जोगनी के भंडार से लाखों के बर्तन चोरी हुए हैं, जिनको पुलिस अभी तक भी बरामद नहीं कर पाई है। हाल ही में बासुकी नाग के भंडार से चोरी करने का प्रयास किया गया।
इसमें कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। देवता जमदग्नि ऋर्षि जगतसुख के कारदार हंस राज शर्मा, सियाली महादेव के कारदार जय चंद, सृष्टि नारायण के कारदार रोशन ठाकुर और देवी हिडिंबा और मनु ऋर्षि के कारदार रोहित राम शर्मा तथा जोगनी के कारदार गुप्त राम ठाकुर ने बताया कि यदि पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो आने वाले दिनों में घाटी के देवी-देवताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।