चंबा। चंबा डिपो की जर्जर वर्कशॉप के नीचे रहने के लिए मेकेनिक मजबूर है। वर्कशॉप की छत इतनी खस्ताहाल हो गई है कि यह कभी भी गिर सकती है, जिससे काम करने वाले मेकेनिकों की जान को खतरा है। एक बार पहले भी यहां छत गिरने से एक मैकेनिक घायल हो चुका है। वहीं, चंबा डिपो में बाहरी जिलों से आए मेकेनिकों के लिए ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वे किराये के कमरें में रहने का मजबूर है। लेकिन, परिवहन निगम इस जर्जर वर्कशॉप की सुध नहीं ले पा रहा है।
इस वर्कशॉप को खस्ताहाल हुए एक साल बीतने वाला है। लेकिन, मरम्मत के नाम पर आज दिन तक आश्वासन ही मिला है। एचआरटीसी की 200 बसों की मरम्मत के लिए इंटर्नशिप सहित 30 तक मेकेनिक है। हर दिन पांच से छह बसों की मरम्मत होती है। अगर, मेकेनिकों को कुछ देर के लिए रेस्ट करना हो तो अपने किराये के कमरे में जाना पड़ता है या फिर उसी जर्जर वर्कशॉप के नीचे आराम करना पड़ता है। जिससे उन्हें छत गिरने का भय रहता है।
वर्कशॉप की मरम्मत को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर समस्या का समाधान हो जाएगा।
शूगल सिंह, डीडीएम, एचआरटीसी चंबा डिपो