चंबा। उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर सीटू ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत होने के ऐतिहासिक दिन पर नरेंद्र मोदी गद्दी छोड़ो के नारे के साथ प्रदर्शन किया। सीटू जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार जब से बनी है, तब से लगातार मजदूर, जनता और देश विरोधी निर्णय ले रही है। मोदी सरकार ने मजदूरों के लिए बने सभी श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया है, और उसकी जगह चार नए लेबर कोड बनाए गए हैं। ये लेबर कोड मजदूरों को बंधुआ मजदूरी और गुलामी की दिशा में धकेलने का प्रयास है।
कहा कि पहले मजदूरों को आठ घंटे काम करने का अधिकार था जिसे बदलकर 12 घंटे कर दिया गया है। मजदूरों को काम की सुरक्षा नहीं रखी गई है। मालिक जब चाहे, मजदूरों को बिना किसी नोटिस के निकाल सकते हैं। देश में लगातार आउटसोर्स पर भर्तियां की जा रही हैं, जबकि इसमें मजदूरों को नाममात्र वेतन दिया जा रहा है। देश में जहां सरकारी विभाग में काम करने के लिए एक मजदूर को 40,000 से 45,000 रुपये मासिक मिलते हैं तो वहीं और उसी काम को करने के लिए आउटसोर्स मजदूर को 4,000 से 5,000 रुपये दिए जाते हैं। मोदी सरकार लगातार आम जनता पर बोझ बढ़ा रही है। हर चीज पर टैक्सों को बढ़ाया जा रहा है, जबकि सन 2014 से 2023 तक मोदी सरकार ने अंबानी-अडानी जैसे चंद दर्जनभर कॉरपोरेट के 11 लाख करोड़ के कर्जे माफ कर दिए हैं, जो सरकारी बैंकों में जमा है। वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार भी श्रमिक कल्याण बोर्ड में चार लाख से ज्यादा पंजीकृत निर्माण मजदूरों के लाभ रोककर बैठी है। कई बार मुख्यमंत्री और सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के बावजूद मजदूरों को मात्र आश्वासन मिल रहे हैं। मजदूरों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द श्रमिक कल्याण बोर्ड के लाभ जारी नहीं किए गए तो 24 अगस्त को श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर चमेरा प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन से संदीप, सुरेश, चमन, सुभाष, पावन, प्यार सिंह, राज कुमार के अतिरिक्त सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष विपिन शर्मा ने भी संबोधित किया। कहा कि एनएचपीसी चंबा में वर्कर के लिए श्रम कानून लागू करें।