सीट आरक्षित होने से चुनाव लड़ने के पुरुष चाहवानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
नए सिरे से जमा और घटाव करने में जुटे चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सियासी मैदान में उतरने के लिए कमर कस चुके पुरुष दावेदारों की उम्मीदों पर इस बार आरक्षण की एक घोषणा भारी पड़ गई है।
चंबा के सुल्तानपुर वार्ड में सीट महिला के लिए आरक्षित होते ही चुनावी समीकरण बदल गए। जहां कल तक रणनीतियां बन रही थीं, आज वहां खामोशी और नई हकीकत को स्वीकार करने की मजबूरी नजर आ रही है।
उधर, प्रशासन पहले ही साफ कर चुका है कि साल 2026 में वार्डों का आरक्षण सामाजिक संतुलन, कानूनी प्रावधानों और रोटेशन प्रणाली के तहत तय किया गया है। इससे सभी वर्गों को समान अवसर मिलेगा।
बता दें कि जनवरी 2021 में नगर परिषद चंबा के सुल्तानपुर वार्ड (वार्ड नंबर-1 एससी महिला) के चुनाव में प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। इससे पूर्व 2015-16 के नप चुनावों में वार्ड नंबर-1 एसटी ओपन सीट से प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। कुल मिला कर अब 2026 में सुल्तानपुर वार्ड की सीट महिला के लिए आरक्षित की गई है। इससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर सीट पर जीत का परचम लहराने की चाह रखने वाले अपने-अपने स्तर पर जमा-घटाव के कार्य में लग गए हैं।
उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि आरक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शिता और नियमों के तहत लागू किया गया है। साल 2026 के लिए वार्डों का आरक्षण सामाजिक संतुलन, कानूनी प्रावधानों और रोटेशन प्रणाली के तहत ही तय किया गया है जिससे सभी वर्गों को समान अवसर मिलेगा।
साल 2011 की जनगणना के अनुसार सुल्तानपुर वार्ड की जनसंख्या 1113 है। घरों की संख्या 250 रही। इनमें महिला जनसंख्या 50.5 प्रतिशत है। सुल्तानपुर की साक्षरता दर 76.5 प्रतिशत है। महिला साक्षरता दर 34.0 प्रतिशत है। वार्ड में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या 7.2 प्रतिशत (80), अनुसूचित जाति की जनसंख्या 22.9 प्रतिशत (255) के करीब है।