चंबा। किसी भी परिस्थिति में बदलाव लाने के लिए महिला किसी भी युग में कभी भी पीछे नहीं रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण चंबा की रानी सुनयना हैं जिन्होंने चंबा के लोगों की प्यास को बुझाने के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया। वर्तमान समय में महिलाएं शिक्षा हासिल कर शासनिक, प्रशासनिक और विभागीय पदों पर विराजमान हैं। कभी महिलाओं को स्वयं को किसी से कम नहीं आंकना चाहिए। नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैयर और उपाध्यक्ष सीमा कश्यप ने महिलाओं को उनके अधिकारों प्रति जागरूक किया। अमर उजाला और नगर परिषद चंबा के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक सूही जातर मेले के दौरान आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत महिलाओं को जागरूक किया गया। ऐतिहासिक सूही जातर मेले के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में गद्दी समुदाय और शहर की महिलाओं सहित छात्राएं भी मौजूद रहीं। सूही जातर मेले के दौरान अमर उजाला के अपराजिता कैंपेन को भी खूब तारीफ मिली। नप अध्यक्ष ने बताया कि आज की महिलाएं पूरी तरह से सबल बन चुकी हैं। घर परिवार का पालन पोषण करने से लेकर हरेक विकट परिस्थिति से निपटने के लिए महिलाएं सशक्त हैं। वहीं नप उपाध्यक्ष सीमा कश्यप ने कहा कि शिक्षा वह हथियार है जिसके बल बड़ी से बड़ी लड़ाई लड़कर महिलाएं अपनी अलग पहचान बनाने के अलावा विभिन्न विभागों में अच्छे ओहदों पर विराजमान हो सकती हैं बशर्ते महिलाओं को एकाग्रचित्त होकर लक्ष्य निर्धारण कर उसे हासिल हासिल करने के लिए मेहनत अवश्य करनी पड़ती है।
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूक किया गया। ऐतिहासिक सूही जातर मेला और अपराजिता दोनों ही कार्यक्रम एक दूसरे को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। -सीमा ठाकुर
अमर उजाला की ओर से महिला सशक्तीकरण के लिए चलाया गया अपराजिता कार्यक्रम बेहतरीन प्रयास है। भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम स्कूल, मोहल्लों, संस्थानों और विभागों में भी आयोजित होने चाहिए जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए मार्ग दर्शन मिल सके। -कंचना देवी
हमारे समय में बेटियों को उच्च शिक्षा हासिल करने तक का मौका नहीं मिल पाता था। बेटियां महज घर की चहारदीवारी तक ही सीमित रहने को मजबूर रही हैं। अब समय के साथ बदलाव आ रहा है। बेटियां पढ़-लिख कर अपने और परिवारों का भरण-पोषण करने में योगदान दे रही हैं। - तिमरो देवी
बेटियों और महिलाओं को आगे लाने के लिए सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर प्रयासरत हैं। ऐसे में अमर उजाला की ओर से चलाया गया इस प्रकार का कार्यक्रम भी बेहतरीन पहल है। इस प्रकार के कार्यक्रम अधिक से अधिक आयोजित होने चाहिए। -ज्योति ठाकुर