नगर परिषद चंबा में चोर दरवाजे से सफाई का ठेका देने पर एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया है। पहली जून से शहर के चार वार्डों सुराड़ा, चौंतड़ा, हटनाला व जनसाली में सफाई की जिम्मेदारी दो नए ठेकेदारों को सौंपी गई है। लेकिन इससे पूर्व आम सहमति न बनाने और हाउस में कोई चर्चा न होने पर कई वार्ड पार्षद नाराज हो गए हैं और इस मामले को विजिलेंस तक ले जाने की बात कही है।
जिन दो लोगों को सफाई का ठेका मिला है उन्हें नगर परिषद अध्यक्ष के बेहद करीबियों में गिना जाता है और यही वजह इस पूरे फसाद की जड़ है। फिलहाल, नगर परिषद ने इन चारों वार्डों की सफाई का जिम्मा एक महीने के लिए वैकल्पिक तौर पर दिया है। जिसके एवज में नगर परिषद दोनों ठेकेदारों को 60-60 हजार रुपये की धनराशि प्रतिमाह प्रदान करेगी। एक महीने के बाद सफाई के इस ठेके की ई-टेंडरिंग होगी। इस बीच जो भी फर्म जायज दाम भरेगी आगामी एक साल के लिए चंबा शहर की सफाई का जिम्मा उसी फर्म को दिया जाएगा।
गौरतलब है कि नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था पर टेंडर बुलाए थे लेकिन ऐन मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष ने टेंडर पर आपत्ति जताकर इन्हें स्वीकार नहीं किया। जिसके बाद हाउस की बैठक बुलाई गई और इसमें मतदान के माध्यम से टेंडर रद्द करने का फैसला ले लिया। जिसके बाद अब जून महीने में अचानक दो ठेकेदारों को बिना टेंडर बुलाए काम सौंप देने से नगर परिषद चंबा एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
ठेकेदार ने अचानक छोड़ दिया काम : नीलम नैय्यर
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर का कहना है कि सुराड़ा, चौंतड़ा, हटनाला और जनसाली वार्ड में सफाई ठेकेदार ने अचानक काम छोड़ दिया और नए टेंडर अभी नहीं हुए हैं। यदि नगर परिषद नए लोगों को काम नहीं देती तो ई-टेंडरिंग तक शहर के चारों वार्ड कचरे के ढेर में बदल जाते। ऐसे में नगर परिषद को जवाब देना मुश्किल हो जाता।
विजिलेंस जांच की मांग करूंगी : अंजलि
चौगान वार्ड की पार्षद अंजलि मल्होत्रा का कहना है कि गलत ढंग से सफाई का ठेका अपने चहेतों को सौंपा गया है। यदि एक सप्ताह के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो वे इसके खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग करेंगी। उन्होंने बताया कि नगर परिषद में गोलमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
काम छोड़ने के लिए बनाया गया दबाव : पाठक
चारों वार्ड के पूर्व सफाई ठेकेदार सुबोध पाठक का कहना है कि उन पर काम छोड़ने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने अपनी मर्जी से सफाई का काम नहीं छोड़ा। बल्कि नगर परिषद अध्यक्ष ने उन्हें बुलाया था जहां उन्होंने रेट बढ़ाने की बात कही। चंबा के तीन यूनिट हैं जिसमें दो अन्य यूनिट में 1 लाख 67 हजार व 1 लाख 64 हजार में सफाई हो रही है। उनके पास चार वार्ड 1 लाख बीस हजार में थे।