कहा, विद्यार्थियों की पृष्ठभूमि, उपस्थिति और विद्यालयी परिस्थितियां भी परिणाम को करती हैं प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला चंबा ने बोर्ड परीक्षाओं में निर्धारित मानकों से कम परिणाम देने वाले प्रवक्ताओं की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की प्रस्तावित व्यवस्था का विरोध किया है।
संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दीप सिंह खन्ना और जिला महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि केवल एक वर्ष के परीक्षा परिणाम को आधार बनाकर शिक्षक की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, उपस्थिति, विषय की कठिनाई, विद्यालय की परिस्थितियों समेत कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। ऐसे में केवल परिणाम के आधार पर शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई प्रवक्ता वर्षों से लगातार उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। ऐसे शिक्षकों का किसी एक वर्ष परिणाम निर्धारित मानक से कम रहने पर वेतन वृद्धि रोकने से उनका मनोबल और कार्यप्रेरणा प्रभावित होगी। संघ ने मांग की है कि पिछले वर्ष जिन प्रवक्ताओं की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई है, उसे तत्काल बहाल किया जाए। वहीं, वर्तमान वर्ष में निर्धारित मानकों के अनुरूप परिणाम नहीं देने वाले शिक्षकों को आगामी परीक्षाओं तक सुधार का उचित अवसर दिया जाए। संघ ने कहा कि यदि कोई शिक्षक लगातार कई वर्षों तक अपेक्षित परिणाम नहीं देता है तो तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित प्रक्रिया के तहत सुधारात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है लेकिन एक वर्ष के खराब परिणाम को आधार बनाकर वेतन वृद्धि रोकना उचित नहीं है। संघ के राज्य मुख्य विधिक सलाहकार राजेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शौकत अली, संगठन सचिव राज दीन, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव ठाकुर, वित्त सचिव प्रताप नेगी, प्रेस सचिव आशीष ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारियों ने सरकार से परीक्षा परिणाम आधारित वेतन वृद्धि नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की।