रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने मानवीय चेन बना रस्सियों के सहारे खाई से निकाले शव
तीन घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान, अग्निशमन, पुलिस और ग्रामीणों ने दिखाया साहस
जहां एक कदम की चूक जिंदगी छीन सकती थी, वहीं रस्सियों के सहारे मौत की खाई में उतरे पुलिस, अग्निशमन कर्मियों और ग्रामीणों ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की जिसने हर आंख को नम कर दिया। करीब एक किलोमीटर गहरी खाई से तीन घंटे के कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शवों को सुरक्षित निकाला गया। तैसे-तैसे रास्ता बनाते हुए टीम के सदस्य खाई में उतरे। शवों को स्ट्रेचर पर बांधकर रस्सी के सहारे ढांक से होकर सड़क तक पहुंचे। यह ऑपरेशन पूरा करने में टीम को तीन घंटे लगे।
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। लामू-हीलिंग मार्ग पर बुधवार रात को हुई सड़क दुर्घटना के बाद असली चुनौती शवों तक पहुंचने की थी। फिसलन भरी ढलान, गहरी खाई और हर पल मंडराते खतरे के बीच संयुक्त बचाव दल ने रस्सियों और मानवीय चेन के सहारे नीचे उतरकर तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद राहत अभियान पूरा किया।
गहरी खाई में से शव निकालने के लिए अग्निशमन विभाग, पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच घंटों तक अथक प्रयास किए। सुबह 6 बजे ढलानदार पहाड़ी और फिसलन भरे रास्ते के कारण रेस्क्यू टीम को रस्सियों के सहारे खाई में उतरना पड़ा। कई जगह ग्रामीणों और जवानों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानवीय चेन बनाई। यह अभियान 9 बजे तक चला।
गहरी खाई और दुर्गम रास्ते ने अभियान को चुनौतीपूर्ण बना दिया। बचाव दल ने धैर्य, संयम और आपसी तालमेल का परिचय देते हुए शवों तक पहुंच बनाई। शवों को स्ट्रेचर पर सुरक्षित रखा गया और रस्सियों के सहारे ऊपर तक पहुंचाया गया।
नम थीं दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोगों की आंखें
दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। ग्रामीणों ने भी प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। राहत अभियान ने यह साबित किया कि संकट की घड़ी में सामूहिक प्रयास किसी भी चुनौती का सामना करने की ताकत देते हैं। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद शवों को कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस की निगरानी में अस्पताल भेजा गया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।