छह साल से हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए तरस रहा मेडिकल कॉलेज चंबा
जिले के लोगों को इलाज के लिए लगानी पड़ी रही आईजीएमसी और टीएमसी की दौड़
भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने भी अभी तक नहीं उठाया इस दिशा में ठोस कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा छह साल से हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए तरस रहा है। भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया है।
जिले की पौने छह लाख आबादी को हृदय संबंधी बीमारी का इलाज करवाने के लिए आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ रही है। कई बार मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ता है।
जय सिंह, विनोद कुमार, हंसराज, संजय शर्मा, राज सिंह, मनोज कुमार, केवल जरयाल, देसराज और रवि कुमार ने बताया कि आकांक्षी जिले में सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करनी चाहिए। गंभीर बीमारी का विशेषज्ञ ही नियुक्त नहीं किया जा रहा है। चुराह, भटियात, डलहौजी, भरमौर, पांगी, बनीखेत और सलूणी सहित अन्य क्षेत्रों से लोग बीमारी का इलाज करवाने के लिए यहां जाते हैं लेकिन उन्हें हृदय की बीमारी का इलाज करवाने की सुविधा नहीं मिल पाती। कई बार समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की मौत हो जाती है।
पिछले साल हार्ट अटैक से एक दर्जन लोगों की मौत
जिले में पिछले साल हृदयगति रुकने से करीब एक दर्जन लोगों की मौत हुई थी। इनमें कई लोग बेसुध हालत में मेडिकल कॉलेज लाए गए तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कई मरीजों को यहां से उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनकी बीच रास्ते में मौत हो गई।
नड्डा ने दिया था हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती का आश्वासन
पहली बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनकर चंबा आए जेपी नड्डा ने मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात करने का आश्वासन दिया था। इसी तरह प्रदेश के पूर्व और वर्तमान मंत्री भी इसको लेकर लोगों को आश्वासन दे चुके हैं। यह आश्वासन कब पूरा होगा, इसका किसी को भी पता नहीं है।
सरकार से चंबा में विशेषज्ञों की तैनाती की मांग की गई है। जल्द ही सरकार की तरफ से तैनाती के आदेश निकाले जाने की उम्मीद है। - डॉक्टर मानिक सहगल, प्रवक्ता, मेडिकल कॉलेज चंबा