मेमोरी चिप्स की मांग बढ़ना माना जा रहा दाम में बढ़ोतरी का कारण
ग्राहकों का बजट बिगड़ा, टालना पड़ रहा मोबाइल खरीदने का प्लान
मोहम्मद अयूब
चंबा। बाजार में मोबाइल के दाम करीब 33 से 35 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है। मोबाइल विक्रेताओं के अनुसार इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण मेमोरी चिप्स की मांग बढ़ना है।
दुकानदारों में लवली कुमार, काका, नवीन और कुशल ने कहा कि पहले जो स्मार्टफोन 12 से 18 हजार रुपये में मिल जाते थे, अब उनकी कीमतों में 2 से 3 हजार रुपये तक बढ़ोतरी हो गई है। उन्होंने कहा कि इस ज्यादा स्टोरेज वाले फोन के दाम में अधिक बढ़ोतरी हुई है। इससे मोबाइल की बिक्री पर असर देखने का पड़ रहा है। दाम बढ़ने से ग्राहकों का बजट भी बिगड़ गया है। कई लोग अब नए मोबाइल खरीदने का प्लान टाल रहे हैं या कम बजट वाले विकल्प तलाश रहे हैं। यदि मेमोरी चिप्स की सप्लाई में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में मोबाइल फोन और महंगे हो सकते हैं। बाजार में कीमतों के स्थिर होने में अभी कुछ समय लग सकता है। दुकानदारों के अनुसार तो आठ हजार रुपये तक मिलने वाले मोबाइल फोन की कीमत अब दस हजार और 12 हजार के मोबाइल की कीमत 15000 हजार रुपये हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान में 30 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ग्राहकों में सुरेश कुमार,रवि कुमार, सुधीर कुमार और नितिन का कहना है कि मोबाइल के दाम बढ़ने से बजट पर असर पड़ा है। आने वाले समय में यह दाम और बढ़ सकते हैं। अधिक मेमोरी वाले मोबाइल के दामों में अत्यधिक वृद्धि दर्ज की गई है। मोबाइल खरीदते समय हमें सोचना पड़ रहा है। मोबाइल की बढ़ती कीमतों के कारण गरीब वर्ग के लोग नया फोन खरीदने से बच रहे हैं। संवाद