मेडिकल कॉलेज चंबा की मेडिसन ओपीड़ी के बाहर हो हल्ला करते मरीज। संवाद।
मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीजों ने किया हो-हल्ला
लंच करने गए थे डॉक्टर, अस्पताल की व्यवस्था को कोसते नजर आए मरीज
बोले- ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर होंगे तो नहीं आना पड़ेगा मेडिकल कॉलेज चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की मेडिसिन ओपीडी के बाहर उस समय मरीजों ने हो-हल्ला शुरू कर दिया जब लंच ब्रेक होने पर डॉक्टर खाना खाने के लिए चले गए।
ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइनें लगी थीं। इनमें कई मरीज अस्पताल की व्यवस्था और सरकार के हालातों को कोसने लगे। मैहला से जांच करवाने के लिए पहुंचे तेज सिंह ने कहा कि वह सुबह से लाइन में लगे हैं। दोपहर हो चुकी है लेकिन अभी तक उनका नंबर ओपीडी में नहीं आया है। इसके लिए वह डॉक्टर को कसूरवार नहीं ठहरा सकते क्योंकि वह नियमानुसार मरीजों की जांच कर रहे हैं। लंच समय में उनका खाना खाने का भी अधिकार बनता है लेकिन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की लंबी लाइनों के लिए कहीं न कहीं सरकार और स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। यदि वहां मरीजों को सभी डॉक्टरों की सेवाएं मिल जाएं तो उन्हें चंबा आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल गंभीर बीमारी या इमरजेंसी पड़ने पर ही मरीज यहां आएगा लेकिन स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। यही वजह है कि ओपीडी के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं। यह हालात आने वाले समय में और बिगड़ते जाएंगे। मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि ओपीड़ी में तैनात डॉक्टर ने सभी मरीजों की जांच की।