भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं ने भरमौर में समय पर एचआरटीसी बसें न मिलने पर जमकर हंगामा किया। निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे से हंगामा शुरू हुआ, जो करीब 25 मिनट तक चला। इस बीच, परिवहन निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को शांत करने में जुट गए। उन्होंने बताया कि हाईवे पर जाम लगने से शंकु की टपरी से चार बसें श्रद्धालुओं के लिए आ रही हैं। भरने के बाद भरमौर से रवाना होने के बाद ही दो-दो बसें भेजी जा रही हैं। निगम के कर्मचारियों के समझाने पर श्रद्धालुओं का गुस्सा शांत हुआ। मणिमहेश यात्रा के दौरान राधाष्टमी पर बड़े शाही स्नान के दौरान करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने डल झील में डुबकी लगाई है। मंगलवार को रात भर श्रद्धालुओं के भरमौर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा।
श्रद्धालुओं में अमित कुमार, नरेश कुमार, किरपा राम, निधिया राम, लब्धी राम, प्रमोद कुमार, नागेश और राजीव ने बताया कि निगम प्रबंधन को इतनी बड़ी यात्रा के लिए पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए।
स्थानीय रूटों पर नहीं दौड़ीं बसें, परेशान होते रहे यात्री
पवित्र मणिमहेश यात्रा के लिए निगम की 40 विशेष बसें भेजी गई थीं। इस कारण जिले के कई लोकल रूट प्रभावित हुए। चंबा-भाला, चंबा-कलौता, चंबा-शक्तिदेहरा और चंबा-पनेला-बाट रूट समेत कई अन्य रूटों पर दोपहर तक लोगों को बस सेवा नहीं मिल पाई। सवारियां बस स्टैंड में विभिन्न रूटों के लिए रवाना होने वाली बसों का इंतजार करती रहीं। लंबे समय तक रूटों पर बसें न चलने पर पूछताछ काउंटर और निगम के कर्मियों से सवारियां बसों को लेकर पूछताछ करती भी नजर आईं। स्थानीय रूट रद्द होने की सूचना मिलने के बाद सवारियां निजी टैक्सियों और लिफ्ट लेकर घर के लिए चली गईं।
एचआरटीसी के चंबा डिपो के आरएम शुगल सिंह ने बताया कि शंकु की टपरी से आगे बसों दो-दो बसों को भेजा जा रहा है। इसकी वजह वाहनों के लगने वाले लंबे जाम से निजात दिलवाना रहा। कुछ देर के लिए बसें न मिलने पर श्रद्धालुओं ने हो-हल्ला किया था, लेकिन बसें आने पर श्रद्धालु शांत हो गए और इनमें बैठकर चंबा के लिए रवाना हो गए। वीरवार से विभिन्न रूटों पर बस सेवाओं को बहाल कर दिया जाएगा।