वन रक्षक की निजी कार पत्थर लगने से क्षतिग्रस्त, मौके पर बुलानी पड़ी पुलिस
छतरी ब्लॉक में रविवार देर रात को गश्त के दौरान पेश आई यह घटना
12 देवदार के स्लीपर जब्त, पकड़े गए आरोपी को भरना होगा लकड़ी की कीमत का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। देवदार की अवैध तस्करी की भनक लगते ही वन विभाग की टीम जंगल में पहुंची तो आरोपियों ने कर्मियों पर पत्थरबाजी कर दी। टीम ने एक वन काटू को पकड़ा है। उसे छुड़ाने के लिए अन्य आरोपियों ने वन विभाग के कर्मियों पर पत्थरबाजी की।
इस घटना में वन रक्षक की निजी कार क्षतिग्रस्त हो गई है। कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। पथराव करने वाले आरोपी ऊंचाई पर थे। रात के अंधेरे में उनका चेहरा भी दिखाई नहीं दे रहा था। हालांकि, वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी है। अब पुलिस पत्थर बाजों की तलाश करने में जुट गई है।
वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से देवदार का स्लीपर लेकर जाते चमन लाल पुत्र भगत राम निवासी गांव माहदन डाकघर चरोड़ी को पकड़ा है। पर्चा काटने के बाद उसे छोड़ा गया। देवदार की लकड़ी की जो भी कीमत बनेगी, उसकी भरपाई उसे जुर्माने के रूप में करनी होगी।
रविवार देर रात को तब मसरूंड रेंज की टीम छतरी ब्लॉक में गश्त कर रही थी तो सलुही नाले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में 12 देवदार के स्लीपर उन्हें दिखाई दिए। इन्हें अपने कब्जे में लिया। आस-पास तलाश करने पर एक व्यक्ति भी उन्होंने स्लीपर लेकर जाते हुए धरा। जब टीम जब्त की गई लकड़ी को मसरूंड रेंज कार्यालय में लेकर जाने लगी तो उनके ऊपर पथराव शुरू हो गया। कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर पनाह लेते नजर आए। हालात की नजाकत को देखते हुए उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तो पत्थर बाज भाग निकले। इस घटना में वन कर्मी भले ही चोटिल होने से बच गए लेकिन एक वन रक्षक की निजी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जो व्यक्ति पकड़ा गया है, उसके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 16 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। और वन अपराध की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार ने बताया कि रात को गश्त कर रही मसरूंड रेंज की टीम पर अज्ञात लोगों ने पथराव किया। कर्मचारी बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाने में सफल रहे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवा दी गई है।