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Chamba News: आफत ने घर को घेरा तो हौसले ने बचाया परिवार

Wed, 29 Jul 2026 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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लकवाग्रस्त पति और 11 साल की बच्ची को गोद में उठाकर पड़ोसी के घर पहुंचीं कृष्णा
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बोलीं- नौ फीट मलबे में दबा बरामदा और कमरा, 26 साल से बिस्तर पर पड़े हैं चुनी लाल
मोहम्मद अयूब
चंबा। रात के सन्नाटे में जब घटोला नाले का शोर मौत की दस्तक बनकर पहुंचा तो कृष्णा देवी के परिवार के पास सामान बचाने का नहीं, सिर्फ जिंदगी बचाने का वक्त था।
26 साल से बिस्तर पर पड़े लकवाग्रस्त पति चुनी लाल को संभालते हुए और 11 वर्षीय ईशु को गोद में उठाकर कृष्णा देवी ने अंधेरे में पड़ोसी के घर तक पहुंचकर जान बचाई। कभी बेटे की मौत का दर्द झेल चुका यह परिवार अब मलबे में दबे घर और हर बरसात के डर के साथ जीने को मजबूर है। घटोला नाले के सैलाब ने इस परिवार से सिर्फ घर का हिस्सा नहीं छीना, बल्कि सुरक्षित जीवन का भरोसा भी छीन लिया है।
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63 वर्षीय चुनी लाल 26 वर्षों से लकवाग्रस्त होने के कारण बिस्तर पर हैं। बेटे की मौत के बाद अब घर पर 56 वर्षीय कृष्णा देवी, उनकी पुत्रवधू और 11 वर्षीय ईशु ही हैं। कृष्णा देवी ने बताया कि देखते ही देखते नाले से आया मलबा घर में घुस गया। करीब नौ फीट तक मलबा जमा होने से बरामदा और एक कमरा पूरी तरह दब गया। राहत की बात यह रही कि उस कमरे का दरवाजा बंद था, वह पूरी तरह मलबे की चपेट में आने से बच गया।
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कृष्णा देवी का परिवार पहले से ही मुश्किलों से जूझ रहा है। 11 वर्ष पहले उनके बेटे की मौत हो चुकी है। परिवार चलाने के लिए वे दिहाड़ी लगा कर काम चला रही है। अब वृद्ध पति की वह और पुत्रवधू ही देखभाल कर रहे हैं। बताया कि पिछली बरसात में भी उन्हें काफी नुकसान हुआ। जिसका मलबा प्रशासन, विभाग ने हटवा दिया। लेकिन, अब लगातार दूसरी बरसात में घर तबाह होने से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी नाले ने भारी नुकसान पहुंचाया था, लेकिन इस बार हालात उससे भी अधिक भयावह हैं। उन्होंने प्रशासन, सदर विधायक, जिला प्रशासन, नप चंबा और पार्षद से मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए घर के साथ लगते घटोला नाले में जल्द से जल्द मजबूत क्रेट वर्क और सुरक्षा तटबंध का निर्माण कराया जाए, जिससे उनका परिवार हर बरसात में मौत के साए में जीने को मजबूर न हो।
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