भरमौर (चंबा)। भले ही पूरे देश में पर्यावरण दिवस पर जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं। स्कूली विद्यार्थियों से लेकर आम जनता को पर्यावरण के संरक्षण का महत्व समझाया जा रहा है।
इसके उलट चंबा जिले में जंगल आग से दहक रहे हैं। शरारती तत्व जंगलों में आग लगाकर वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इस पर्यावरण दिवस को मनाने के मायने, एक तरफ जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं तो दूसरी ओर आग जंगलों को राख के ढेर में बदलती जा रही है।
जंगलों में भड़क रही आग से पेड़-पौधों से लेकर वन्य जीवों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। वन मंडल भरमौर में बीते साल से लेकर अब तक आग की 44 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। इन घटनाओं में 3873 हेक्टेयर जंगलों में आग ने तबाही मचाई है। आग की इन घटनाओं में एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। जंगलों में जब भी आग लगती है, तब बहुत कम संख्या में स्थानीय लोग इसे बुझाने के लिए आते हैं। इसे बुझाने का जिम्मा पूरी तरह वन कर्मियों के कंधों पर ही रहता है। भरमौर मुख्यालय से दमकल विभाग की चौकी भी 14 किलोमीटर दूर खड़ामुख में स्थापित है। ऐसे में यदि जंगल की आग बुझाने के लिए उनकी मदद लेनी हो तो भी समय पर यह मदद वन विभाग को नहीं मिल पाती। इसलिए पर्यावरण दिवस को सही तरीके से मनाने से पहले लोगों को वनों को आग से होने वाले नुकसान को समझना होगा।