चंबा। जिला मुख्यालय के साथ लगते सरोल, भद्रम और फुलगत गांवों में लोग पेयजल के लिए भटकने को मजबूर हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेेता रविंद्र सिंह किश्तवाड़िया और स्थानीय लोगों राजेंद्र चड्ढा, राकेेश ठाकुर और हेम सिंह ने बताया कि इन गांवों में दो दिनों से पानी की बूंद नहीं टपकी है। इसकी वजह से गांव के लोगों को पीने के लिए पानी प्राकृतिक जल स्रोत से ढोना पड़ रहा है।
हालात यह है कि हैंडपंप से भी पानी नहीं निकल रहा है। लोग अपने खाली बर्तन भरने के लिए जब हैंडपंप के पास पहुंचते हैं तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। कहा कि पानी की इतनी ज्यादा किल्लत इससे पहले उन्होंने कभी भी महसूस नहीं की। गर्मी का मौसम पहले भी आता था लेकिन कभी पानी की आपूर्ति बंद नहीं हुई। इस बार प्रचंड गर्मी पड़ने के साथ पानी की आपूर्ति बंद हो गई। ग्रामीणों ने विभाग पर समस्या की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन और जलशक्ति विभाग से मांग की है कि गांव में चल रही पानी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। विभाग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि पानी की कमी आई है। जल्द लोगों को राहत दी जाएगी।