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शहर के बाशिंदे गंदा पानी पीने को मजबूर

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चंबा। शहर के 4876 पेयजल उपभोक्ता कभी भी जलजनित रोग की चपेट में आ सकते हैं। गुल्याणी मुख्य पेयजल स्रोत से शहर के लिए बिछाई गई मेन पाइप लाइन पनेला के समीप लीक होने और उसमें बेस्ट पाइपलाइन का पानी मिलने से इस प्रकार की नौबत पेश आ रही है। वहीं, जलशक्ति विभाग ने पहले भी टूटी लाइन को पनेला के पास मरम्मत करने की एवज में महज औपचारिकता ही पूरी की है। ऐसे में जलशक्ति विभाग की लापरवाही शहर के पेयजल उपभोक्ताओं पर भारी पड़ सकती है।
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बता दें कि जलशक्ति विभाग ने रोजाना 60 लाख लीटर पानी प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। विभाग सुबह और शाम शहर में 80 लाख लीटर पानी की आपूर्ति दे रहा है। बावजूद इसके बीते कुछ समय से शहर के उपभोक्ताओं को स्वच्छ जल मुहैया नहीं हो रहा है। इस बारे में कई बार विभाग को लोगों ने अवगत करवाया है। लेकिन, समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में विभाग की लापरवाही शहर के पेयजल उपभोक्ताओं पर भारी पड़ सकती है।
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इन पेयजल टैंकों में स्टोर होता है पानी
ब्रजेश्वरी मंदिर स्थित पेयजल भंडारण टैंक क्षमता 16.50 लाख लीटर, इसके साथ ही 4.50 लाख लीटर, 50 हजार लीटर और 3 लाख लीटर पानी के भंडारण टैंक हैं। वहीं, चामुंडा देवी मंदिर के साथ स्थित 4.50 लाख लीटर भंडारण टैंक, सूही मढ़ के पास 7.50 लाख भंडारण हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज में स्थित 60 लाख लीटर भंडारण टैंक हैं। पानी इन्हीं पेयजल टैंकों में स्टोर किया जाता है।
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जलजनित रोग
आयुर्वेदिक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. केशव वर्मा ने बताया कि गंदला पानी पीने से टाइफायड, डायरिया, पीलिया, उल्टी, दर्द लगना, पेट दर्द होना, चक्कर आना आदि बीमारियों हो सकती हैं। बरसात के मौसम में लोगों को पानी उबालकर पीना चाहिए।
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जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि उनके पास इस बारे में कोई शिकायत नहीं आई है। कहा कि यदि ऐसी समस्या है तो उसका प्रमुखता से समाधान करवाया जाएगा। इससे लोगों को स्वच्छ पेयजल प्रदान करवाया जा सके।
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