सलूणी (चंबा)। स्वयंसेवी शिक्षक जिले के निरक्षर लोगों को घर जाकर साक्षर बना रहे हैं। 15 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को अंक और अक्षर का ज्ञान दिया जा रहा है, जिससे समाज में कोई व्यक्ति निरक्षर न रहे।
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित बेरोजगार शिक्षक उन सभी निरक्षरों को साक्षर बनाने में डटे हैं। इन्हें अभी तक अंक व अक्षर का ज्ञान भी नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि स्वयं सेवी शिक्षक बिना वेतन इस अभियान को अंजाम दे रहे हैं। विकास खंड सलूणी के किहार में शुक्रवार को स्वयं सेवी शिक्षकों ने निरक्षर लोगों को साक्षरता का ज्ञान दिया। स्वयं सेवी शिक्षक किस प्रकार से निरक्षरों को साक्षरता का पाठ पढ़ाएंगे। इसको लेकर उन्हें केंद्रीय मुख्य शिक्षक करनैल सिंह ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी। अब ये स्वयं सेवी शिक्षक अपने-अपने परिक्षेत्र में जाकर उन सभी लोगों को साक्षरता का पाठ पढ़ा रहे हैं, जो 15 वर्ष की आयु का होने के बाद भी अंक व अक्षर के ज्ञान से अनभिज्ञ हैं। संवाद