चंबा का खस्ताहाल चूड़ी-लिल्ह मार्ग।संवाद
चंबा। जनजातीय क्षेत्र भरमौर की प्रीणा, किलोड़, कुनेड़, गुवाड़, गाण और गुराड़ पंचायतों के लोग जान हथेली पर रखकर उबड़-खाबड़ चूड़ी-लिल्ह सड़क पर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। डेढ़ महीना पहले प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त सड़क की हालत आज तक नहीं सुधर पाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग को इस बारे में बताया, लेकिन समस्या का समाधान न होना चिंता का विषय है। इस सड़क से बस सेवा पूरी तरह बंद है। लोग मजबूरन टैक्सी या अन्य वाहनों के जरिये पांच गुणा अधिक पैसे चुकाकर आवाजाही कर रहे हैं। उन्हें रोजाना खस्ताहाल सड़क पर 12 से 18 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीण अनिल ठाकुर, राम रक्षपाल खत्री, अनिल ठाकुर, नरेंद्र कपूर, शीतल कपूर, भगत सिंह, सुखदयाल, हेमराज, काकू राम और विनय कुमार ने बताया कि चूड़ी-लिल्ह मार्ग खस्ताहाल होना लोगों पर भारी पड़ रहा है। विद्यार्थियों और बुजुर्गाें को इस मार्ग पर सफर करने में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
मामला ध्यान में है। मार्ग की जल्द बहाली के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्या का समाधान करवाया जा सके। दिनेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग