चंबा के पांगी में संसारी-कुल्लू-मनाली मार्ग पर करयूनी के पास हुए भूस्खलन के बाद जान जोखिम में
पांगी (चंबा)। संसारी-कुल्लू-मनाली मुख्य मार्ग पर करीब 12 घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के किलाड़ से कुछ दूर सिद्ध मंदिर के पास वीरवार रात को 12:00 बजे भारी भूस्खलन हो गया।
पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें आने के कारण करयूनी संपर्क मार्ग समेत संसारी-कुल्लू-मनाली मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई। पहाड़ से आईं चट्टानों की चपेट में आने से चार खच्चरों की भी मौत हो गई है। कर्म चंद पुत्र श्रीजया गांव महालियत डाकघर किलाड़ की खच्चरें रात के समय चरागाह में बैठी थीं। गनीमत रही कि इस दौरान मार्ग पर वाहनों की आवाजाही नहीं थी। अन्यथा, बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर से ऐतिहासिक मिंधल यात्रा के लिए आ रही गाड़ियों के काफिले भी शुक्रवार सुबह 8:00 से 12:00 बजे तक थमे रहे। मुख्य मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थमने की सूचना मिलने के बाद बीआरओ की टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनरी से दोपहर बाद मुख्य मार्ग को वाहनों की आवाजाही किया। करयूनी संपर्क मार्ग पर पहाड़ी भारी-भरकम भूस्खलन हुआ है। संसारी-कुल्लू-मनाली मुख्य मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया। मुख्य मार्ग बंद होने से किलाड़ और कुल्लू-मनाली की ओर से आने वाले वाहनों की कतारें लग गईं। जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं की गाड़ियां और एचआरटीसी बसें भी फंस गईं। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे सूचना मिलने के बाद बीआरओ की टीम मशीनरी और लेबर लेकर पहुंचीं और मार्ग की बहाली का काम शुरू किया। दोपहर 12:00 बजे के बाद मार्ग बहाल पाया।
एसएचओ पांगी जोगेंद्र सिंह जरयाल ने बताया कि पहाड़ दरकने से चरागाह में बैठीं चार खच्चरों की दबने से मौत हुई है। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी बंद रही। मार्ग की बहाली के बाद वाहनों की आवाजाही को सुचारू करवा दिया गया है।
बीआरओ के कनिष्ठ अभियंता समुद्र सिंह ने बताया कि करयूनी के पास पहाड़ी दरकने से करयूनी संपर्क मार्ग समेत संसारी-कुल्लू-मनाली मुख्य मार्ग बंद होने की सूचना मिलने के बाद मशीनरी और लेबर मौके पर पहुंची। बताया कि दोपहर बाद मार्ग को बहाल करवा दिया गया।