सड़क किनारे पार्क करने पड़ रहे वाहन, यातायात हो रहा प्रभावित
सरकारें बदलती रहीं लेकिन किसी ने भरमौर में नहीं बनाई पार्किंग
रंजीत शर्मा
भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है , लेकिन इन्हें पार्क करने के लिए कोई भी पार्किंग नहीं है। लोगों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं। इस कारण जहां पुलिस वाहनों के चालान काट देती है, वहीं यातायात भी प्रभावित हो रह है।
लोग सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वाहनों को पार्क करने के लिए पार्किंग बनाई जाए, ताकि उनके वाहन वहां पार्क हो सकें। सबसे ज्यादा परेशानी मणिमहेश यात्रा के दौरान होती है। हजारों वाहन भरमौर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें पार्क करने के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं होती। प्रशासन की तरफ से अस्थायी व्यवस्था की जाती है। यही वजह रहती है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि पार्किंग बनाने को लेकर उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है।
यहां बन सकती हैं पार्किंग्स
लोग पट्टी, पुराना बस स्टैंड और ददमा के पास 200-200 वाहनों की पार्किंग बनाने की मांग कर रहे हैं। यहां पार्किंग बनने से काफी हद तक समस्या का निदान हो सकता है।
परिचर्चा
प्रदेश में सरकारें बदलती रहीं, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने भरमौर में पार्किंग बनाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। इसका दंश भरमौर वासी भुगत रहे हैं। -मदन सन्याल, सह सचिव व्यापार मंडल
वाहनों की संख्या में रोजाना वृद्धि हो रही है। लेकिन, इन वाहनों को पार्क करने के लिए पार्किंग की सुविधा शासन व प्रशासन जनता को उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। -पवन पटियाल उपाध्यक्ष व्यापार मंडल
लोग वाहन खरीद के दौरान टैक्स चुकाते हैं। इसके बाद भी कई तरह के टैक्स की अदाएगी उनकी तरफ से की जाती है। बावजूद इसके उन्हें पार्किंग सुविधा नहीं मिलती। -अरविंद शर्मा स्थानीय निवासी
सरकार और प्रशासन को भरमौर में पार्किंग बनाने की दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए ताकि मणिमहेश यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को भी अपने वाहनों की चिंता न करनी पड़े। -संदीप ठाकुर महासचिव होटल एसोसिएशन