जुतराहन गांव की बुजुर्ग महिला कोपालकी में लेकर जाते ग्रामीण। संवाद
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तेलका (चंबा)। ग्राम पंचायत नड्डल के तहत आने वाले जुतराहन क्षेत्र में आज भी सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को जुतराहन गांव की 57 वर्षीय महिला जेवो देवी को टांग में तेज दर्द के चलते चलने-फिरने में परेशानी हो गई। आखिरकार परिजनों ने महिला को पालकी में उठाकर करीब 15 किलोमीटर तक कच्चे और कठिन रास्तों को पार कर जुतराहन से नड्डल सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए शिमला ले जाया गया। जुतराहन क्षेत्र के तहत आते कुंडा, बलानज थल, कलोन, दोरीबन, टप्पर, थल, बालनू और गुल सहित कई गांव आते हैं। इन गांवों की कुल जनसंख्या लगभग 1500 से 2000 है। सड़क सुविधा के अभाव में बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बीमारी या अन्य अनहोनी पर पालकी ही लोगों को पहुंचाने का प्रमुख साधन है।
स्थानीय लोगों राजिंद्र कुमार, रमेश कुमार, गजिंद्र कुमार, विपिन कुमार, जोगिंद्र कुमार और अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने दो बार चुनाव का बहिष्कार भी किया। बावजूद इसके आज तक गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में सड़क की राह में वन विभाग की जमीन आने का तर्क दिया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सड़क निर्माण कार्य आरंभ किया जाए ताकि, भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में लोगों को इस प्रकार की पीड़ा न झेलनी पड़े।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता बनीखेत सुनील धवन ने बताया कि नड्डल से जुतराहन सड़क के लिए एफसीए क्लीयरेंस के लिए फाइल भेजी गई है। एफसीए की मंजूरी मिलने के बाद ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।