चंबा। विधानसभा क्षेत्र भरमौर, भटियात और चुराह के नागरिक अस्पतालों में भी अब गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने पाने पर प्रदेश सरकार ने अब तीनों अस्पतालों के एक-एक चिकित्सक को अल्ट्रासाउंड के प्रशिक्षण के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेजा है। छह माह के प्रशिक्षण के उपरांत चिकित्सक अपने-अपने अस्पतालों में आकर सेवाएं देना आरंभ करेंगे।
जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल भरमौर में अमूमन पांच वर्षों से, चुवाड़ी में 10 वर्षों और तीसा अस्पताल में 15 वर्षों रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे इन अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च कर स्थापित की गईं अल्ट्रासाउंड मशीनें धूल फांक रही हैं। इसमें में गर्भवती महिलाओं, पेट दर्द के मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 65 से 120 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय चंबा या फिर टांडा और पठानकोट का रुख करना पड़ रहा है।
ऐसे में लोगों की ज्वलंत समस्या का समाधान करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रदेश सरकार ने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों को ही अल्ट्रासाउंड करने का प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया है, जो छह महीने का होगा। इसी कड़ी में जिला चंबा के तीन नागरिक अस्पतालों से एक-एक चिकित्सक को अब प्रशिक्षण करने के लिए भेजा गया है।
चिकित्सकों के अल्ट्रासाउंड करने का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे संबंधित अस्पतालों में सेवाएं देेंगे। प्रशिक्षित चिकित्सक महज गर्भवती महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड करेंगे।
- डॉ. कपिल शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा