नशीले कैप्सूल के साथ पकड़े युवक और दवाइयों की जांच करती पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत
चंबा। ऑनलाइन मंगवाई गई नशीली दवाइयों के साथ पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की आगामी जांच अब स्वास्थ्य विभाग करेगा। ड्रग इंस्पेक्टर ने केस अपने अधीन ले लिया है।
सोमवार को पुलिस की विशेष अन्वेषण इकाई ने गुप्त सूचना के आधार पर राजनगर के थारी मोड़ पर आरोपी मनीष कुमार को दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 400 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें 300 कैप्सूल प्रेगाब्लिन और 100 गोलियां टेपेंटाडोल की शामिल थीं। जब पुलिस ने दवाइयों के बिल और डॉक्टर की पर्ची मांगी तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनीष कुमार यह नशीली दवाइयां अपने दोस्त विशाल निवासी सरु को देने जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया।
ड्रग इंस्पेक्टर ने नशीली दवाइयों को कब्जे में लेते हुए ऑनलाइन दवाइयां भेजने वाली कंपनी की जांच भी शुरू कर दी है। नियमों के अनुसार बिना डॉक्टर की पर्ची कोई भी ऑनलाइन फार्मेसी नशीली दवाइयां नहीं बेच सकती। ऐसे में संबंधित कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं, पुलिस को मनीष कुमार के मोबाइल फोन से चंबा क्षेत्र में नशीली दवाइयों की बिक्री से जुड़े अहम सबूत मिले हैं। मोबाइल को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि ऑनलाइन नशीली दवाइयां खरीदने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
नशीले कैप्सूल के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की आगामी जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। जिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, उसमें तीन से पांच वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक चंबा