चंबा। अपना कारोबार चलाने के लिए तीन लाख का ऋण लेकर उसे जाली चेक देना कारोबारी पर भारी पड़ गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी चंबा डॉ. पार्थ जैन की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को दो साल का साधारण कारावास और 4.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
साथ ही उसे मुकदमे की लागत 15,000 रुपये का मुआवजा भी देने के आदेश जारी किए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार हर्ष कन्फेक्शनरी शॉप के मालिक हर्ष भंडारी निवासी बनीखेत ने अपना कारोबार चलाने के लिए श्री राम ट्रांसपोर्ट फाइनांस लिमिटेड से 12 सितंबर 2018 को ऋण समझौता संख्या सीएचएमबीएटी 809110001 के तहत ऋण लिया था।
इस दौरान हर्ष भंडारी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बनीखेत में उनके खाते से तीन लाख रुपये का चेक जारी किया गया था। इसके बाद श्री राम ट्रांसपोर्ट फाइनांस लिमिटेड ने बैंक में चेक लगाया तो चेक बाउंस हो गया। इसके तहत बैंक प्रबंधन की ओर से 6 अगस्त 2022 को चेक प्रदाता को नोटिस जारी कर 15 दिन में भुगतान करने के निर्देश दिए। नोटिस भेजे जाने के बावजूद भी आरोपी ने कोई भुगतान नहीं किया।
आखिरकार श्री राम ट्रांसपोर्ट फाइनांस कंपनी लिमिटेड की ओर से न्यायालय में चेक बाउंस संबंधी याचिका दी गई। इस मामले में अब न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है।