मेपल की गांठों के कटान मामले में दो और गिरफ्तार
मामले में अब तक पकड़े जा चुके हैं पांच लोग, विभागीय जांच जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वन मंडल चंबा की टीम ने मेपल के पेड़ों से अवैध रूप से काटी गई गांठों के मामले में दो और लोगों को हिरासत में लिया है। इसमें एक नेपाली और दूसरा स्थानीय निवासी शामिल है जो आरोपियों के साथ मिलकर जंगल में मेपल की गांठों को अवैध रूप से काटने में मदद कर रहा था। इस मामले में अब तक पांच लोग पकड़े जा चुके हैं। अब विभाग इस मामले में और भी गंभीरता से जांच करने में जुट गया है। उन सभी लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है जो जंगल से अवैध रूप से मेपल की गांठों को निकालने के कार्य में जुड़े हुए थे। इस मामले में वन विभाग ने सबसे पहले तीन लोगों को जडेरा में 363 मेपल पेड़ की गांठों के साथ पकड़ा था। इन आरोपियों को सीजेएम के पास पेश करने पर पांच दिन की रिमांड मिली। उनके जरिए जांच टीम उस स्थान पर पहुंची जहां पर आरोपियों ने मेपल पेड़ों की गांठों को काटा था। सड़क से सात किलोमीटर दूर जांच टीम आरोपियों के साथ लेकर पहले सनोथा पहुंची। उसके बाद बाडुआ जंगल पहुंची, जहां पर आरोपियों ने मेपल के पेड़ों की गांठों को अवैध रूप से काटा था। टीम ने पेड़ों की पहचान भी आरोपियों से करवा ली है। चंबा में पहली बार वन विभाग ने किसी मामले में आरोपियों को रिमांड पर लेकर इस तरह की जांच की है।
आरोपियों ने इस मामले में संलिप्त दो और लोगों के नाम बताए। इसमें एक नेपाली और दूसरा स्थानीय निवासी था जो आरोपियों को जंगल तक पहुंचाने और उनके राशन पानी का इंतजाम करता था। इस मामले में वन विभाग और लोगों को भी हिरासत में ले सकती है। क्योंकि दो नेपाली इतने बड़े स्तर पर अकेले जंगल में जाकर पेड़ों की गांठों के भरे हुए बोरों को नहीं ला सकते। इसलिए वन विभाग की जांच टीम इस मामले में गहनता से जांच कर रही है। वन परिक्षेत्र अधिकारी मनोज कुमार की अगुवाई में अन्य वन कर्मचारियों की टीम इस मामले में जांच कर रही है।
वन मंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि मेपल के पेड़ों की गांठों को अवैध रूप से काटने के मामले में दो अन्य लोगों को पकड़ा गया है। विभागीय जांच टीम ने उन पेड़ों की भी शिनाख्त कर ली है जहां पर ये गांठें काटी गई थीं।