चंबा। जिले में ऑक्सीजन सुविधा से लैस दो सौ और बेड मरीजों को मुहैया करवाए जाएंगे।
यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चंबा में प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन
के सिलिंडरों को मंडी से भरवाने के बाद चंबा पहुंचाया जा रहा है। इससे चंबा में सिलिंडर पहुंचने के लिए काफी समय लग जाता है। ऐसे में आगामी दिनों में कांगड़ा में ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करवा कर वहां से ही चंबा के लिए सप्लाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के बीच बेडों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। चंबा में ऑक्सीजन सुविधा से लैस दो सौ और बेड बढ़ने से जिले से किसी भी मरीज को टांडा और धर्मशाला के लिए रेफर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा जब से खुला है, तब से लेकर अब तक कॉलेज में स्टाफ की बहुत कमी है। उसी के दृष्टिगत
आवश्यकतानुसार आउटसोर्स के माध्यम से सफाई, नर्सिंग, मेल हेल्थ वर्करों की तैनाती की जाएगी। जिले में 20 करोड़ की लागत से एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित होंगी। इसके लिए एनएचपीसी की ओर से दस करोड़ का बजट उपलब्ध करवा दिया गया है। मशीनों की कीमतें अधिक होने की सूरत में अब एनएचपीसी प्रबंधन पांच करोड़ और उपलब्ध करवाएगा। शेष पांच करोड़ की राशि को प्रदेश सरकार वहन करेगी। इसके तहत जल्द जिले के लोगों को एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। कहा कि चंबा में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट में जल्द ऑक्सीजन तैयार होगी। इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव से बात की गई है।
कहा कि ऑक्सीजन प्लांट के लिए जल्द इंजीनियर उपलब्ध करवाया जाएगा। कहा कि सरकार का लक्ष्य रहेगा कि एक सप्ताह के भीतर तकनीकी पार्ट को खरीदकर ऑक्सीजन प्लांट को चालू करवाया जा सके। ऑक्सीजन प्लांट के शुरू हो जाने से थ्री टाइप के 80 सिलिंडर भरने की क्षमता प्रतिदिन की रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में 713 लोग होम आइसोलेशन, जबकि 69 के करीब मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों पर नजर रखने और उनका मनोबल बढ़ाने का जिम्मा पंचायत प्रतिनिधियों पर रहेगा। कहा कि हरेक वर्ग कोविड नियमों का पालन कर इस महामारी के खिलाफ सच्चा सिपाही बन सकता है।