तेलका (चंबा)। विकास खंड सलूणी के अधीन आने वाले कंधवारा पंचायत की हलेला गांव की बुजुर्ग महिला और उनके दो पोतों को आर्थिक सहायता, आवास सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
हलेला गांव में पिता की मृत्यु और मां के छोड़कर चले जाने के बाद 10 वर्षीय मोनू ठाकुर और 11 वर्षीय मोहित ठाकुर अपनी वृद्ध दादी के साथ जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं।
शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने परिवार की दयनीय हालत को देखते हुए आर्थिक सहायता, आवास सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दादी की उम्र अधिक होने और आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण बच्चों का भविष्य खतरे में था, लेकिन अब प्रशासनिक हस्तक्षेप से राहत की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की पढ़ाई, रहने की व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
70 वर्षीय वृद्ध दादी हलो देवी उम्र के इस पड़ाव पर जहां इंसान को सहारे की जरूरत होती है। वहीं, यह बुजुर्ग महिला अपने नाती-पोते के पालन-पोषण की भारी जिम्मेदारी अकेले उठा रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। यह परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है। महिला के तीनों बेटे अलग-अलग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
अगस्त में हुई भारी बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए, जब उनका कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आज स्थिति यह है कि रहने के लिए सुरक्षित छत तक उपलब्ध नहीं है। न तो कोई स्थायी आय का साधन है, न ही किसी प्रकार की सरकारी सहायता अब तक पहुंच पाई है।
पंचायत उपप्रधान धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने हलेला गांव में पहुंच कर बुजुर्ग महिला और उनके पोतों समेत घर की स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनना अनिवार्य है। साथ ही टीम ने बताया कि बच्चों को सुख आश्रय योजना के तहत पेंशन लगना अनिवार्य है।