अदालत ने दोनों पर 70-70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, राशि न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास
पंजाब के रहने वाले हैं दोनों दोषी, बालू पुल के पास चरस के साथ पकड़े गए थे दोनों
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बालू पुल के पास 702 ग्राम चरस रखने के मामले में चंबा की विशेष न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने पंजाब के दो आरोपियों धर्मवीर निवासी पानी वाली टंकी, शहर रायकोट, तहसील जगरांव जिला लुधियाना और सुरेश कुमार शहर रायकोट तहसील जगरांव, जिला लुधियाना, पंजाब को दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोनों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 और 29 के तहत सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला 25 सितंबर 2019 का है। पुलिस थाना चंबा में इस संबंध में एफआईआर संख्या 246/19 दर्ज की गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस टीम ने बालू पुल के पास एक बैग की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान बैग से 702 ग्राम चरस बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सोहम कौशल ने पैरवी की। अभियोजन ने आरोपों को साबित करने के लिए अदालत में 18 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। साथ ही मामले से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद धर्मवीर और सुरेश कुमार को दोषी ठहराया। अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोनों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 70-70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में छह माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।