चंबा मेडिकल कॉलेज में एक रेडियोलॉजिस्ट के सहारे मरीज, सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं पर भी दबाव
विशेषज्ञों की कमी से सरकारी जांच के लिए लंबी प्रतीक्षा, निजी केंद्रों में जेब ढीली करने को मजबूर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बीमारी की पहचान करवाने के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते अल्ट्रासाउंड के लिए 15 से 20 दिन बाद की तारीखें मिल रही हैं। एक ही विशेषज्ञ पर जांच का पूरा जिम्मा होने से रोजाना सभी मरीजों की जांच कर पाना चुनौती बना हुआ है। इसका असर सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर भी पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में समय पर जांच न होने से मरीजों को निजी केंद्रों में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों चैन लाल, हंसराज, केवल कुमार, चमन सिंह, राजेंद्र, होशियार सिंह और मनोज कुमार ने बताया कि जिले के दूरदराज क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। कई मामलों में बीमारी की पहचान और आगे का उपचार तय करने के लिए रेडियोलॉजी जांच जरूरी होती है। ऐसे में लंबी तारीख मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ पर काम का अधिक बोझ होने से जांच में देरी हो रही है। सरकार को रिक्त पद जल्द भरने चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सके। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही नई तैनाती होने की उम्मीद है।