लोग बोले, फैसले का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वालों छात्रों, मजदूरों और बुजुर्गों पर पड़ेगा
पहले तीन किलोमीटर तक लगते थे 5 रुपये में, अब 4 किलोमीटर के सफर तक दस रुपये लगेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। यात्रियों को अब एचआरटीसी की बसों में सफर करने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा। सरकार ने न्यूनतम बस किराये में बदलाव करते हुए अब 4 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 10 रुपये किराया तय कर दिया है। इससे पहले यात्रियों को 3 किलोमीटर की दूरी के लिए सिर्फ 5 रुपये देने पड़ते थे।
अब नई व्यवस्था के तहत न्यूनतम किराया 10 रुपये होगा। किराये में बढ़ोतरी के पीछे परिवहन विभाग ने ईंधन के दाम, रखरखाव खर्च और संचालन लागत में वृद्धि को कारण बताया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर छात्रों, बुजुर्गों और दिहाड़ी-मजदूरी करने वालों पर पड़ेगा, जो रोजाना छोटी दूरी के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं। न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी पर यात्रियों ने नाराजगी जताई है और सरकार से राहत की मांग की है। एचआरटीसी के डीडीएम शूगल सिंह का कहना है कि किराए में बढ़ोतरी को लेकर अधिसूचना जारी हुई है। उसी आधार पर यात्रियों को किराया देना होगा।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने आम जनता को झटका देते हुए एचआरटीसी बसों के न्यूनतम किराये में जो बढ़ोतरी की है, वह सही नही है। छोटे सफर के लिए दोगुना किराया देना आम लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा। -पवन कुमार
सरकार के इस निर्णय से सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो रोजाना छोटी दूरी की यात्रा करते हैं। जैसे कि छात्र, बुजुर्ग, दुकानदार और मजदूरी करने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी। -कमल कुमार
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पहले तीन किलोमीटर तक 5 रुपये किराया लगता था, अब 10 रुपये देने पड़ेंगे। महीने भर में यह बोझ काफी बढ़ जाएगा। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। -रमेश कुमार
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सरकार को कम दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए कोई रियायती पास या विशेष योजना लानी चाहिए, ताकि रोज़मर्रा के सफर करने वालों पर आर्थिक भार न बढ़े। यह किराया जायज नहीं है। -प्रीतम चंद