भरमौर-पठानकोट हाईवे के 13 पॉइंट संवेदनशील, बरसात के मौसम में रहता है पत्थर गिरने का खतरा
एनएचएआई प्रबंधन ने लोगों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर संवेदनशील पॉइंट पर किए हैं विशेष प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बरसात के मौसम में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर सफर करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। बारिश के दौरान पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की आशंका रहती है।
हाईवे पर जांघी, कलसूई, राख, बग्गा, ढकोग, चूड़ी, लोथल घार, गैहरा, बत्ती दी हट्टी, खड़ामुख, केरु पहाड़, नैनीखड्ड और चनेड़ के समीप के स्थानों को संवेदनशील माना गया है। इन पॉइंट पर बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई प्रबंधन ने हाईवे पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया है। पेट्रोलिंग टीम लगातार संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रख रही है। हर चार से पांच किलोमीटर के दायरे में मशीनरी और ऑपरेटर तैनात किए गए हैं ताकि पहाड़ी से मलबा या पत्थर गिरने की स्थिति में सड़क को जल्द साफ कर यातायात बहाल किया जा सके। संवेदनशील प्वाइंट पर फ्लैगमैन भी तैनात किए गए हैं। ये कर्मचारी वाहन चालकों को संभावित खतरे वाले स्थानों पर सतर्क करते हैं और यातायात को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। उधर, एनएचएआई के साइट प्रभारी साहिल ने बताया कि बरसात के दौरान यदि कोई राहगीर, पर्यटक या श्रद्धालु हाईवे पर फंस जाता है अथवा वाहन खराब हो जाता है तो टोल फ्री नंबर 1033 पर संपर्क किया जा सकता है। सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंचेगी और मार्ग बहाली के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी। वाहन खराब होने की स्थिति में उसे ठीक करवाने के लिए भी आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
किसी दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में हाईवे प्रबंधन की ओर से तैनात एंबुलेंस मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही सुरक्षित सफर करें।