चंबा। प्रदेश में सत्तासीन होने वाली सरकारें प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापकों की अनदेखी कर रही हैं। चार सालों से प्रदेश में रही जिस भी सरकार ने अपना बजट पेश किया उसने अपने बजट में प्रशिक्षित नर्सरी शिक्षकों को कोई तरजीह नहीं दी। इसकी वजह से शिक्षकों में भारी रोष है। प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ की जिला अध्यक्ष किरण कुमारी ने बताया कि नर्सरी स्कूलों में प्रदेशभर में 60,000 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए नर्सरी अध्यापिकाओं की भर्ती नहीं की जा रही है।
बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रदेश में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि प्रशिक्षित नर्सरी शिक्षकों की भर्ती 31 मार्च से पहले करवाने की घोषणा की जाए। नर्सरी के लिए जो केंद्र सरकार की तरफ से बजट दिया गया है वह 31 मार्च को वापस चला जाएगा। इससे उनकी भर्तियां दोबारा लटक जाएंगी। उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भी आग्रह किया है कि वह एनटीटी भर्ती को लेकर उचित कदम उठाएं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में एक वर्ष का डिप्लोमा मान्य करने, आयु सीमा में भी छूट देने के साथ ही भर्ती बैचवाइज करवाने की मांग की है। कहा कि प्रदेश में सैकड़ों प्रशिक्षित बेरोजगार नर्सरी शिक्षक रोजगार की राह ताक रहे हैं लेकिन उन्हें रोजगार देने में अभी तक की प्रदेश सरकारें नाकाम रही हैं। उन्होंने प्रदेश में बनी नई सरकार से खुद के लिए रोजगार की गुहार लगाई है।