चंबा। जिला चंबा के पर्यटन स्थल डलहौजी और खज्जियार के लक्कड़मंडी, पौहलाणी माता मंदिर, लक्कडमंडी और डैनकुंड समेत भरमौर और पांगी की ऊपरी चोटियों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी के बीच पर्यटन स्थल डलहौजी के डैंनकुंड लक्कडमंडी और खज्जियार के पौहलाणी माता मंदिर, जोत में उमड़े पर्यटकों ने आसमान से गिरते बर्फ के फाहों के बीच जमकर मस्ती की। कुल मिलाकर जिले के निचले क्षेत्रों में पूरा दिन भर धुंध छाए रहने से लोग ठंड में ठिठुरते नजर आएं। जिले में कड़ाके की ठंड के चलते तापमान शून्य डिग्री से नीचे लुढ़कने से अब पेयजल लाइनें और सड़क पर बहने वाला पानी भी जमना शुरू हो चुका है।
चार माह से बर्फबारी न होने से बारिश और बर्फबारी की आस छोड़ चुके लोगों के लिए सोमवार को ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश ने राहत देने का काम किया। उपमंडल भरमौर में लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान, बागवान बारिश व बर्फबारी की आस लगा रहे थे। सोमवार सुबह से आसमान पर बदली छाने के बाद दोपहर को ठंडी हवा चलने के बाद तहसील मुख्यालय में रुक-रुककर हल्की बर्फबारी का क्रम आरंभ हुआ। तो वहीं, क्षेत्र की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, कुगति, चौबिया, खपरांस, कालीछौह, घटौर और इंदहार में बर्फबारी का क्रम जारी रहा। जनजातीय क्षेत्र पांगी के किलाड़ मुख्यालय में धुंध ही छाई रही। तो ऊपरी चोटियों हुड़ान भुटोरी और चस्क भुटोरी समेत सचे जोत में बर्फबारी का क्रम आरंभ होने से पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। कड़ाके की ठंड से बचने के लोग अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को छोड़ कर नहीं जा पाए।